दादीजी मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर रास लीला एवं भजन

   आज श्री श्याम मंडल  द्वारा दादीजी  मंदिर में तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन आज प्रातः 251 महिलाओं द्वारा सामूहिक सुन्दरकाण्ड किया गया. आज के यजमान मनोज अग्रवाल थे.

       आज के कार्यक्रम का प्रारम्भ तरुण चोपड़ा एवं ग्रुप के सोनाली चक्रवर्ती एवं अन्य द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य चिल्ली एवं कालबेरिया के मिक्स डांस से प्रारंभ हुआ. सर पर एकसाथ एक के ऊपर एक कर पन्द्रह घड़ा रख कर पूरे लय के साथ नृत्य कर सोनाली ने सबको अचंभित कर दिया. फिर नुकीले कीलों पर नंगे पैर नृत्य किया जिसे देख लोगों की सांसे थम गयी. फिर थाली पर ग्लास रखकर उसपर नृत्य किया. इसके साथ ही “आओ जी आओ जी पलक बुहारी आँगनो रात से – पधारो पधारो घूमर खेलोंगा – आप पधारो साह” घूमर नृत्य किया. सभी ने इस नृत्य का भरपूर आनंद उठाया. 

      इसके बाद श्रीकृष्ण के रासलीला के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ. कृष्ण राधा का प्रेम प्रसंग को बहुत ही सुन्दर दांग से दिखाया गया. फूलों की वर्षा की गयी. गोपिकाओं संग श्रीकृष्ण की नटखट लीला हुई. “रंग डाले कन्हैया रंग डाले” “मुरली बाजेगी राधा नाचेगी” आदि गाने के साथ रासलीला चलती रही. श्रद्धालुओं ने रासलीला का भरपूर आनन्द उठाया. नृत्य नाटिका  में श्रीकृष्ण के रूप में “कौस्तभ” एवं राधा के रूप में सोनाली चक्रवर्ती के नृत्य को देख लोग भाव विभोर हो उठे. हर्षिता, शालिनी एवं अंजलि ने राधा के सखी के रूप में एवं अंकित ने श्रीकृष्ण के सखा के रूप में सराहनीय अभिनय किया.

रासलीला के बाद भजनों का सिलसिला प्रारंभ हुआ. वृन्दावन से पधारे कुञ्ज बिहारी जी ने अपने भजनो से पूरे माहौल को कृष्णमय बना दिया। उनके भजन ” रात श्याम सपनो में आयो दहिया पी गयो स र र र ” एवं ” वृन्दावन में हुकुम चले वर्षाने वाली का – कान्हा तो दीवाना उस राधे प्यारी का “. “श्याम स्वर्ण जयंती पटना जी श्याम मंडल में आ गई- थोड़ी थम के बरस बरसात बाबा को घर आने दे”. “मेरे बांके बिहारी की बांकी अदा – देख वांकी अदाए हुए दिल फ़िदा” “राज रानी के नथ पर मोर नाचे – मोर नाचे चित चोर नाचे”

इसके बाद बदायूं (यू पी) से आये प्रतोष शर्मा  ने “श्याम तेरे भरोसे मेरा परिवार है – तू ही मेरा पतवार है”  “ छोटी छोटी गैया – छोटे छोटे ग्वाल ! छोटे से मेरे मदन गोपाल !! गाकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। भजन के बाद कुंज बिहारीजी ने कृष्णजी से मटकी फोड़ कराया।

इसके बाद बराकर (प बंगाल ) से आये  बिन्नूजी ने “श्याम मंडल ने करी तपस्या – आज वो देखो रंग लाई, एक एक दिन गिनते गिनते स्वर्ण जयंती है आई”  “जलती रहे श्याम बाबा – ज्योत तेरी जलती रहे !

अखंड जोत है अपार माया – श्याम देव की हो प्रबल छाया !!”  “श्याम तेरे मंदिर में जब बजता नगाड़ा है – होती सुनवाई उसकी जो किस्मत का मारा है”

   इसके बाद फरीदाबाद से आये अंश – वंश ने अपने भजन “लाडला खातुवाले का” “कढ़ी कचौरी खायेंगे – खाटू में बस जायेंगे” हार के जो भी आजा, शरण ले ले अपनी ओट में – मेरे खाटू वाले का काम डंके की चोट पे” 

 भक्तजनो ने जन्माष्टमी के इस आयोजन का पूरे दिन खूब आनंद उठाया एवं भक्तिभाव में डूबे रहे।

इस तीन दिवसीय पूरे आयोजन को सफल बनाने में  श्री श्याम मंडल के अध्यक्ष चाँद बिहारी अग्रवाल, अमर अग्रवाल, ओम पोद्दार, रूपेश अग्रवाल, पवन खेमका,  मनोज अग्रवाल, के साथ साथ नरेंद्र शर्मा, सज्जन माखरिया,दिलीप अग्रवाल , शंकर शर्मा, ललन लाठ, संजय लाठ, मनोज भालोटिया, ऋषि शर्मा, सावल राम ड्रोलिया आदि सभी सदस्य मुख्य रूप से लगे रहे।

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