सप्ताह के भीतर राजद ने समन्वय समिति का गठन नहीं किया ,तो जीतन राम मांझी ले सकते हैं बड़ा फैसला

Nishant karpatne

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने राजद को समन्वय समिति के गठन के लिए 7 दिनों का समय दिया है। पार्टी की कोर कमेटी की शुक्रवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि समन्वय समिति का गठन नहीं होता है तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी कोई भी अगला निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। निर्णय के लिए कोर कमेटी ने उन्हें अधिकृत कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी भी मौजूद थे। बैठक में कहा गया कि दिल्ली में हुई महागठबंधन की वर्चुअल बैठक में कांग्रेस ने राजद को 7 दिनों का समय दिया था। उसमें से 2 दिन बीत गए हैं। अब 5 दिनों में राजद को इस संबंध में फैसला लेना है। बैठक के बाद हालांकि प्रेस मीडिया से जीतन राम मांझी रूबरू नहीं हुए।
बैठक के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान और विजय यादव ने पत्रकारों को बताया कि दिल्ली की बैठक के अनुरूप समन्वय समिति के गठन के लिए एक सप्ताह का समय राजद को दिया गया है। उम्मीद जाहिर की कि समन्वय समिति का गठन हो जाएगा। इसके बाद अगर बात नहीं बनती है राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी को अधिकृत किया गया है कि वे कोई भी निर्णय दल के हित में ले सकें। कहा कि समन्वय समिति के गठन के लिए महागठबंधन के सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं को मिलकर निर्णय लेना चाहिए।
दोनों नेताओं ने कहा कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का किसी भी दल में विलय नहीं होगा। कहा कि कोर कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के संगठनात्मक तैयारी की भी चर्चा हुई है । एक सवाल के जवाब में कहा कि समन्वय समिति के गठन के मामले में राजद की तरफ से अब तक कोई सार्थक पहल नहीं हुई है। तेजस्वी यादव ने भी दिल्ली की वर्चुअल बैठक से दूरी बनाए रखी। बल्कि एक चैनल के साथ बातचीत में तेजस्वी यादव ने यह कह दिया कि इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद से बात करनी चाहिए। कहा कि अगर ऐसा होता है तो उनसे बातचीत के लिए हम के फतुहा प्रखंड अध्यक्ष जाएंगे।

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