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पटना, 27 फरवरी 2026 — पटना सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों में बच्चों के अपहरण की हालिया घटनाओं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है और आम लोगों से सहयोग की अपील की है।
पटना के मनेर क्षेत्र में तीन नाबालिग बच्चों के अपहरण का मामला सामने आया, जहां एक स्वयंभू तांत्रिक कथित रूप से बच्चों को मंदिर ले जा रहा था। बच्चों की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया और बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।
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इसी तरह बिहटा स्थित ईएसआईसी अस्पताल परिसर से एक 5 वर्षीय बच्ची के अपहरण की घटना ने सनसनी फैला दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एक अन्य चौंकाने वाले मामले में पटना में एक मां और उसके पड़ोसी पर फिरौती के लिए बच्चे के अपहरण की साजिश रचने का आरोप लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छह घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
इन घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर बच्चों के अपहरण से जुड़ी अफवाहों ने भी लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है। पुलिस मुख्यालय ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें और कानून को अपने हाथ में न लें।

पुलिस ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाना को दें। अफवाहों के आधार पर की गई कार्रवाई से निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंच सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
पटना के अलावा अन्य जिलों में भी बच्चों की तस्करी और अवैध गतिविधियों के मामले सामने आए हैं। हाल ही में रेलवे पुलिस ने छह माह के एक बच्चे को बरामद किया, जिसे कथित रूप से 3.5 लाख रुपये में बेच दिया गया था। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी है।

पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में बिहार में कुल 14,699 बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई। इनमें से 7,772 बच्चों को अब तक खोज लिया गया है, जबकि 6,927 बच्चों की तलाश जारी है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य के प्रत्येक जिले में एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) गठित की गई है, जो लंबे समय से लापता बच्चों के मामलों की विशेष रूप से जांच कर रही है।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों और स्कूलों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश साझा करने से बचें।
पटना और बिहार में हालिया घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि कई मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित बरामद किया है, फिर भी बढ़ती घटनाएं और अफवाहें समाज के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
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