Global media Update tech Update & Automobile Life Style & Entertainment

22 अप्रैल पटना। दधीचि देहदान समिति बिहार के जागरूकता अभियान के फलस्वरुप मीठापुर पटना निवासी 85 वर्षीय बक्सी धीरेन्द्र प्रसाद का पार्थिव शरीर इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के एनाटोमी विभाग को सौंपा गया।
आज से कुछ वर्ष पूर्व इन्होंने दधीचि देहदान समिति में अपना देहदान का संकल्प पत्र भरा था उसी संकल्प को परिजनों ने पूरा कराया। समाज के लिए किए गए इस अतुल्य योगदान के लिए बारम्बार प्रणाम। देहदानी बक्सी जी रेलवे में बड़े पदाधिकारी रहे हैं एवं लोकनायक जय प्रकाश नारायण जी के भगिना थे और पूर्व मंत्री सुधा श्रीवास्तव जी के भाई थे।

देहदान के लिए उनका शरीर मीठापुर से एम्बुलेंस द्वारा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लाया गया। मृतक के शरीर को रिसीव करने के लिए अस्पताल में दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद, पूर्व राज्यपाल, महासचिव पद्मश्री बिमल जैन,विभागाध्यक्ष एनाटॉमी, डॉ अवनीश कुमार, कोषाध्यक्ष प्रदीप चौरसिया ,विनीता मिश्रा ,शैलेश महाजन एवं समिति के सदस्यगण एवं मृतक के धर्मपत्नी मंजू बक्सी,सुपुत्र विवेक बक्सी,विशाल बक्सी सुपुत्री विनीता जमुआर,परिणीति जमुआर,निवेदिता जमुआर,परिजन आस्था,पंकज,आलोक,अनुराग, विक्रमादित्य,बालाजी,विकाश की उपस्थिति में संपूर्ण शरीर को एनाटॉमी विभाग को सौपकर पीड़ित मानवता की सेवा के लिए एक मिसाल कायम किया।
Amazon: दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म, जहां आपको बेहतरीन डील्स और विश्वसनीय प्रोडक्ट्स मिलते

इस मार्मिक घड़ी में अस्पताल परिसर में बैकुंठवासी आत्मा को उपस्थित लोगों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा एक मिनट का मौन रखा गया। अस्पताल प्रशासन और दधीचि देहदान समिति के महासचिव द्वारा मृतक के परिवार को साहसिक कार्य हेतु आभार व्यक्त किया गया।
समिति के अध्यक्ष- पूर्व राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद जी ने श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उपस्थित लोगों से आवाहन किया कि मृत्यु के बाद शरीर दान करने की परंपरा शुरू किया जाए। यह अदभुत है। ऐसा करने वाले बहुत कम है।बिमल जैन ने अंगदान हेतु संकल्प पत्र भरकर पीड़ित मानवता की सेवा हेतु आह्वान किया.

इनके शरीर का इस्तेमाल मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी कर सकेंगे बता दें कि प्रत्येक 20 विद्यार्थी पर एक देह की आवश्यकता होती है लेकिन बिहार में मृत शरीर नहीं मिलने पाने के कारण यह औसत 300 विद्यार्थी पर एक ही है ।
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ बिंदे कुमार को एम्बुलेंस की सुविधा देने हेतु हृदय से आभार व्यक्त किया गया
Auto Amazon Links: No products found.