आध्यात्मिकता भारत का प्राण है -राज्यपाल


पटना, 12 जनवरी, 2024ः- माननीय राज्यपाल श्री राजेन्द्र
विश्वनाथ आर्लेकर ने संस्कार भारती बिहार प्रदेश एवं सीमेज शैक्षणिक
समूह द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल, पटना में आयोजित
‘इन्सपायरो-2024’’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि
आध्यात्मिकता भारत का प्राण है और इसी के कारण विश्व में हमारा गौरव
बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की संस्कृति,
परंपरा और विरासत से दुनिया को अवगत कराया। स्वामी जी सहित भारत के अन्य
महापुरूषों ने दूसरे देशों के लोगों को अध्यात्म की बातें बतायी
ताकि विश्व का कल्याण हो सके। राज्यपाल ने कहा कि अपने मत और धर्म को
किसी पर जबरदस्ती थोपना और इन्हें स्वीकार करने के लिए विवश करना
हमारी परंपरा नहीं रही है। स्वामी विवेकानंद से प्रभावित होकर एक
विदेशी द्वारा हिन्दू धर्म स्वीकार करने की इच्छा व्यक्त करने पर उसे ऐसा
करने से मना कर दिया। उन्होंने उसे उसके अपने ही धर्म का अनुसरण
करने को कहा।

उन्हांेने कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि वे वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सहभागी बनें। भारत की बड़ी आबादी बोझ नही, बल्कि हमारी पूंजी है। विश्व की
सर्वाधिक युवा शक्ति भारत मंे है। युवाओं में ऊर्जा और उत्साह है तथा उनके कारण ही भारत विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अभिप्राय देश के सर्वांगीण विकास से है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी खुद के पैरों पर खड़ा होकर रोजगार प्रदाता बनें, न कि नौकरी की तलाश करनेवाला। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 इसमें उपयोगी और हमारी जरूरतों के अनुरूप है। इसे अपनाने की आवश्यकता है।

राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर राह में आनेवाली कठिनाईयों का सामना करते हुए आगे बढ़ें। राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित पद््मश्री शेखर सेन द्वारा प्रस्तुत सांगीतिक नाटक का अवलोकन भी किया।कार्यक्रम को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के कुलपति प्रो॰
आर॰के॰ सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सीमेज शैक्षणिक समूह
के चेयरमैन श्री बसंत अग्रवाल, निदेशक प्रो॰ नीरज अग्रवाल एवं श्रीमती
मेघा अग्रवाल, छात्र-छात्राएँ तथा अन्य लोग उपस्थित थे।

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