सर्जरी के बाद आर्थोपेडिक इंज्यूरी के मरीजों की चपलता दिखी डा निशिकांत एलेवन व गुरुदेव एलेवन फुटबाल मैच में


पटना 3 फरवरी घुटने व इसके आसपास की आर्थोपेडिक इंज्यूरी के बाद एक्सपर्ट सर्जन से सर्जरी के बाद आप बिल्कुल स्वाभाविक गति,चाल के साथ सटीक काम कर सकते हैं। अत्याधुनिक तकनीक व सर्जरी में मंजे हाथ मरीजों को पहले की गति और चाल से लबरेज कर सकते हैं। वीर कुंवर सिंह पार्क में आज ऐसे मरीजों का फ्रैंडली फुटबाल मैच आयोजित किया गया। डा निशिकांत एलेवन और डा गुरुदेव एलेवन के फ्रेंडली मैच का उद्घाटन परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने किया।


डा निशिकांत ने इस मौके पर कहा कि आर्थोपेडिक इंज्यूरी अब आपके कैरियर में बाधा नहीं बनेगी। हर प्रकार के खेल स्वाभाविक तरीके से आप खेल सकते हैं चाहे पूर्व में आपके घुटने , लिगामेंट कितने भी क्षतिग्रस्त क्यों नहीं हुए हों। सडक दुर्घटना, ट्राॅमा, मोटापा या उम्र के कारण एडी, घुटने या कमर की सर्जरी के बाद पहले की ही तरह स्वाभाविक गति से आप उछल कूद कर सकते हैं। आप दौड सकते हैं। फुटबॉल, क्रिकेट, हाकी या जितना भी भागने दौड़ने का काम हो, दुर्घटना के बाद सर्जरी से पहले की तरह खेल सकते हैं।


घुटना प्रत्यारोपण विशेषज्ञ मेडिवर्सल हास्पिटल के निदेशक डॉ निशिकांत, आर्थोस्कोपी के डा गुरुदेव, स्पाईन सर्जरी के डा सौरभ चौधरी , चीफ पैट्रन डा अमूल्य सिंह, डा रमित गुंजन एवं निदेशक नवनीत रंजन ने मैच के दौरान खिलाडियों का मनोबल बढाया।

आज के मैच से मरीज व उनके परिजनों को यह संदेश मिला कि सर्जरी से किसी भी प्रकार की आर्थोपेडिक इंज्यूरी आपके कैरियर को खत्म नहीं कर सकता।आर्थ्रोस्कोपी के विशेषज्ञ डा गुरुदेव ने बताया कि कम उम्र के खिलाडी पहले थोडे से चोट में लिगामेंट जख्मी होने के बाद निराश होकर खेल का मैदान छोड देते थे, पर अब अत्याधुनिक तकनीक उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है और वे दुबारा खेल के मैदान में पूरे जोश खरोश के साथ वापस लौटने में सक्षम हैं। आज मरीजों ने वह सब कर दिखाया।

स्पाईन विशेषज्ञ डा सौरभ चौधरी ने कहा कि साल भर में ऐसे ही 100 मरीजों की सर्जरी के बाद 15 पंद्रह सदस्यों की टीम बनाई गई जो डा निशिकांत एलेवन और डा गुरुदेव एलेवन के रुप में मैदान में उतरी।


हड्डी रोग विशेषज्ञ डा रमित गुंजन ने बताया कि सर्जरी के बाद ऐसे मरीज स्वाभाविक खेल से दर्शकों को मुग्ध करने और परिजनों के चेहरे पर वही मुस्कान देखने में सफल हुये जो निराश होकर घर बैठ गये थे। आमलोगों के साथ मरीजों और उनके परिजनों में जागरुकता लाने में प्रदर्शनी मैच सफल रहा

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