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पटना। डॉक्टर्स डे के मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति, पटना के सिविल सर्जन डॉ. वाई.पी. मंडल ने लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 30 जून को आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अनुपस्थित रहने पर 22 अधिकारियों एवं कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि स्पष्टीकरण पर निर्णय होने तक संबंधित तिथि का मानदेय स्थगित रहेगा।
सीएस ने बताया कि 30 जून को सुबह 10 बजे स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी। बैठक में कई प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, प्रखंड लेखापाल एवं एफआरयू लेखापाल शामिल नहीं हुए। इसके बाद सभी संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पहले ही निर्देश दिया गया था कि वे अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में एक स्थान पर उपस्थित रहकर गूगल मीट के माध्यम से बैठक में शामिल हों। पूर्व सूचना के बावजूद संबंधित अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को समीक्षा रिपोर्ट समय पर नहीं भेजी जा सकी, जिससे विभागीय कार्य प्रभावित हुआ।
जिन अधिकारियों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें मनीष कुमार (प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, बाढ़), विधान श्रीकृष्ण (बिहटा), मनोज कुमार (बिक्रम), जयमाला (दानापुर), कुंदन कुमार (पुनपुन), शिप्रा चौहान (फुलवारीशरीफ), वीणा कुमारी (प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, अथमलगोला), आलोक कुमार (बाढ़), वीरमणि सिंह (बख्तियारपुर), प्रियंका कुमारी (खुशरूपुर), राकेश कुमार पटेल (मसौढ़ी), अंबिका कुमार (फुलवारीशरीफ), रंधीर पासवान (बख्तियारपुर), चंदन कुमार (बेलछी), खुशबू कुमारी (दानापुर), संतोष कुमार चंद्रवंशी (फतुहा), रामाकांत रविदास (खुशरूपुर), अंकिता (मनेर), रविरंजन कुमार (नौबतपुर), मो. अशराफ अली (एफआरयू लेखापाल, रेफरल अस्पताल, नौबतपुर), रंधीर चंद्रा (एफआरयू लेखापाल, अनुमंडल अस्पताल, दानापुर) तथा तब्बसूम (प्रखंड लेखापाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फुलवारीशरीफ) शामिल हैं।
पत्र में सभी संबंधितों को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की टिप्पणी के साथ 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है कि वे किन परिस्थितियों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल नहीं हुए। जिला स्वास्थ्य समिति ने चेतावनी दी है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधितों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सीएस की मानें तो यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं विभागीय बैठकों में पूर्व सूचना के बावजूद कई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक और लेखापाल अनुपस्थित रहे हैं। अब ऐसी लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी पल्स पोलियो जैसे अति महत्वपूर्ण अभियान चल रहा है, यह सरासर लापरवाही है।